जानें कैसे पढ़ें सही क़ुरआन

चिंतन मनन के साथ क़ुरआन की तिलावतः साथियो, प्रयास करें कि हर समय विशेषकर रमज़ान के पवित्र महीने में, क़ुरआन की तिलावत न भूलें, क़ुरआन आपके जीवन से समाप्त नहीं होना चाहिए। क़ुरआन की तिलावत अवश्य किया करें, जितना भी संभव हो चिंतन मनन के साथ क़ुरआन की तिलावत करें क्योंकि चिंतन मनन के साथ क़ुरआन की तिलावत अधिक प्रभावी होती है। जल्दी जल ...

नमाज़ियों का दर्जा

नमाज़ियों का दर्जा
(अ) कुछ लोग नमाज़ को खुशुअ (तवज्जुह) के साथ पढ़ते हैं। जैसे कि क़ुरआने करीम ने सूरए मोमेनून की दूसरी आयत मे ज़िक्र किया है “कि वह खुशुअ के साथ नमाज़ पढ़ते हैं।” खुशुअ एक रूहानी और जिसमानी अदब है। तफ़्सीरे साफ़ी मे है कि एक बार रसूले अकरम (स.) ने एक इंसान को देखा कि नमाज़ पढ़ते हुए अपनी दाढ़ी से खेल रहा है। आपने फ़रमाया कि अगर इसके पास खुश ...

काश ऐसा ना होता

काश ऐसा ना होता
  अश्लीलता का इतना आम हो जाना और अवैध संतानें पैदा होना बेपरदगी का परिणाम है, जिसके बारे में चर्चा की आवश्यकता नहीं है, यह समस्या खासकर पश्चिमी देशों में इतनी स्पष्ट है जिसके बारे में बयान करना सूरज को चिराग दिखाने के समान है, सभी लोग इस तरह की चीजों के बारे में मीडिया से सुनते रहते हैं. हम यह नहीं कहते कि अश्लीलता और अवैध प्रजनन का मुख ...

अली की बेटी हज़रत ज़ैनब (स) का शुभ जन्मदिवस

अली की बेटी हज़रत ज़ैनब (स) का शुभ जन्मदिवस
हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वआलेही वसल्लम की नवासी हज़रत जैनब का शुभ जन्मदिवस आने ही वाला है। ऐसी महान महिला का शुभ जन्मदिवस जिसने स्पष्ट विशेषताओं और अपने उत्कृष्ट व्यक्तित्व से इस्लाम के इतिहास के पृष्ठों को सुन्दरता प्रदान की। हज़रत जैनब का नाम इस्लाम के वैभवशाली इतिहास के महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव के साथ जुड़ा रह ...

हज़रत ईसा मसीह अलैहिस्सलाम ने किया रोगियों का उपचार

हज़रत ईसा मसीह अलैहिस्सलाम ने किया रोगियों का उपचार
हज़रत ईसा मसीह अलैहिस्सलाम कहते हैं कि मैंने रोगियों का उपचार किया और उन्हें स्वस्थ्य कर दिया, जन्मजात अंधों और कोढ़ियों को ईश्वर की अनुमति से अच्छा कर दिया तथा उसी की अनुमति से मुर्दों को जीवित कर दिया।  वे कहते हैं किंतु मूर्ख व्यक्ति को न तो मैं सुधार सका और न ही स्वस्थ बना सका।  जब हज़रत ईसा से किसी ने पूछा कि आपकी दृष्टि में मूर् ...

हज़रत ईसा मसीह

हज़रत ईसा मसीह
सलाम हो एक लाख चौबीस हज़ार ईश्वरीय दूतों पर। सलाम हो उन पर जिन्होंने प्यासी आत्माओं को अपने मार्ग दर्शन से तृप्ति किया और अवसाद में घिरी मनुष्य की आत्मा को ईश्वरीय ज्ञान की वर्षा से प्रफुल्लित किया। सलाम हो उन ईश्वरीय दूतों पर जिन्होंने मनुष्य को ईश्वर की उपासना, न्याय की स्थापना और अत्याचार से संघर्ष का निमंत्रण दिया और इस मार ...

ईश्वरीय दिन, और इस्लामिक राजनीति

ईश्वरीय दिन, और इस्लामिक राजनीति
ईरान की इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था उस महान क्रान्ति का प्रतिफल है जिसकी प्रवृत्ति, जिसके लक्ष्य तथा जिसके व्यवहारिक होने की प्रक्रिया सब कुछ अदभुत् और अद्वितीय है। इस क्रान्ति की प्रवृत्ति को समझ पाने में पश्चिमी सरकारों की अक्षमता तथा इस क्रान्ति का वर्चस्ववादी शक्तियों के हितों और नीतियों से टकराव के कारण इस्लामी गणतंत् ...

इस्लामी इन्क़ेलाब ने 2500 साला शहंशाही को उखाड़ फेंका

इस्लामी इन्क़ेलाब ने 2500 साला शहंशाही को उखाड़ फेंका
पश्चिमी लोकतंत्र के समर्थकों और उसकी वकालत करने वालों ने ईरान में इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद शाह के रूप में अपने एक महत्वपूर्ण मोहरे से हाथ धो लेने तथा अपने अवैध हितों की ओर से निराश हो जाने के बाद विश्व की सबसे अधिक जनकेन्द्रित क्रान्ति से शत्रुता आरंभ कर दी। उन्होंने इस्लामी क्रान्ति के बाद लोकतांत्रिक सरकार को गिराने के ...

सोने की दीवार

सोने की दीवार
बिहारुल अनवार में रिवायत हैं! कि एक बार हज़रत अली (अ) घर में आए। और जनाबे ज़हरा (स) से फ़रमाया। कुछ खाने को हैं? बीबी ने फ़रमाया। या अली (अ)! आप को मालूम हैं। कि तीन दिन से कुछ नहीं खाया हैं। आप ने फ़रमाया: अच्छा ऐसा करो कोई वस्तु दे दो ताकि किसी के पास गिरवी रख कर कुछ खाने को लाऊं। बीबी ने एक चादर पेश कर दी। हज़रत अली (अ) उसे लेकर अपने यहूदी पड ...

तौरैत में पैग़म्बरे इस्लाम और अहलेबैत के बारे में बशारत

तौरैत में पैग़म्बरे इस्लाम और अहलेबैत के बारे में बशारत
जैसा कि हमने इससे पहले वाले लेख जिसका शीर्षक सूरा बक़रा की सूक्षम्ताएं है में बयान किया है कि सूरा बक़रा का मूल और उसका सारांश रजअत यानी इसी संसार में कुछ लोगों का दोबारा जीवित होना है, लेकिन कुछ लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं और कहते हैं कि इस संसार में मरने के बाद कोई दोबारा जीवित नहीं हो सकता है और वह कहते हैं कि शियो का रजअत का ...

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