आठवीं मोहर्रम इमाम हुसैन (अ) की उमरे साद से मुलाक़ात

आठवीं मोहर्रम इमाम हुसैन (अ) की उमरे साद से मुलाक़ात
सैय्यद ताजदार हुसैन ज़ैदी जैसे जैसे हुसैनी क़ाफ़िला आशूरा के क़रीब पहुँचता जा रहा है वैसे वैसे हुसैन (अ) और आसहाबे हुसैन (अ) की प्सास बढ़ती जा रही है, बच्चों की प्यास बढ़ती जा रही है, सक़ीना अपने सूखे हुए कूज़े को सीने से लगाए फ़ुरात की तरफ़ देख रहीं है, अली असग़र के होंट सूख रहे हैं, बच्चे प्यास के अधिकता से कभी ख़ैमे के अंदर जाते हैं त ...

ख़ुदा ने तीन चीज़ों को तीन चीज़ों में छिपाया है

ख़ुदा ने तीन चीज़ों को तीन चीज़ों में छिपाया है
सकीना बानो अलवी قالَ الباقرُ علیهِ السلامُ: إنَّ اللهَ خَبَأَ ثَلاثَةَ أشْیاءَ فی ثَلاثَةِ أشْیاءَ: 1) خَبَأَ رِضاهُ فی طاعَتِهِ فَلا تُحَقِّرَنَّ مِنَ الطّاعَةِ شَیْئاً فَلَعَلَّ رِضاهُ فیهِ 2) وَ خَبَأَ سَخَطَهُ فی مَعْصِیَتِهِ فَلا تُحَقِّرَنَّ مِنَ الْمَعْصِیَةِ شَیْئاً فَلَعَلَّ سَخَطَهُ فیهِ 3) وَ خَبَأَ أوْلِیائَهُ فی خَلْقِهِ فَلا تُحَقِّرَنَّ أحَداً فَلَعَلَّ ذلِکَ الْوَلِیُّ؛ इमाम मोहम्मद बाक़िर (अ) ने फ़रमायाः ईश्वर ने ...

अल्लाह की याद

अल्लाह की याद
  अल्लाह ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम से फ़रमाया कि मेरी याद के लिए नमाज़ क़ाइम करो। एक मख़सूस तरीक़े से अल्लाह की याद जिसमे इंसान के बदन के सर से पैर तक के तमाम हिस्से शामिल होते हैं।वज़ू के वक़्त सर का भी मसाह करते हैं और पैरों का भी, सजदे मे पेशानी भी ज़मीन पर रखी जाती है और पैरों के अंगूठे भी। नमाज़ मे ज़बान भी हरकत करती है और दिल भी ...

मोमिन का हथियार

मोमिन का हथियार
सैय्यद ताजदार हुसैन ज़ैदी दुआ एक ऐसी चीज़ है जिससे इस दुनिया का कोई भी इन्सान इन्कार नहीं कर सकता है और हर इन्सान अपने जीवन में किसी न किसी चीज़ के लिये दुआ करते हुए दिखाई देता है। मासूमीन की सीरत और दुआ के दुनियावी और परलोकी लाभों को अगर देखा जाए तो दुआ का महत्व चमकते हुअ सूर्य की भाति रौशन हो जाता है। स्वंय ख़ुदा ने भी अपने बंदो को ...

अगर जहन्नम के अज़ाब से बचना चाहो तो

अगर जहन्नम के अज़ाब से बचना चाहो तो
  इस्लाम ने विशेषकर ग़रीबों व दरिद्रों को खाना खिलाने पर बहुत ध्यान व बल दिया है। इस आधार पर इस्लामी समाजों में एक अच्छी परम्परा ग़रीबों व दरिद्रों को खाना खिलाना है। कुछ मुसलमान ईदे क़ुर्बान, रमज़ान के पवित्र महीने और हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत जैसे धार्मिक अवसरों पर सब लोगों को खाना खिलाते हैं। पवित्र क़ुरआन खाना खि ...

ख़ुदा का ख़ौफ़

ख़ुदा का ख़ौफ़
الخَشیَة الکتاب क़ुरान मजीद ‘‘ اِنَّمَا یَخشَی اللہَ مِن عِبادِہِ العُلَماءُ انَّ اللہَ عَزیزٌ غَفورٌ’’ { अल्लाह से उस के बन्दों में से ज्ञानी लोग भय खाते हैं । बेशक , अल्लाह अज़ीज़ , ग़फ़ूर व रहीम है । ( सूरह फ़ातिर , आयत संख्या २८ ) } . ‘ اِنَّ الَّذینَ اُوتُوا العِلمَ مِن قَبلِہِ اذا یُتلیٰ عَلَیْھِم یَخِرّونَ لِلَٔاذقانِ سُجَّداً * و یَقولونَ سُبحانَ رَبَّنا ان کانَ وَ عدُ ربَّنا لَمَفعولًا* و یَخِرّونَ لِلَٔاذقانِ یَبکو ...

या अल्लाह

 या अल्लाह
ईश्वर के लिए शब्द अल्लाह एक व्यापक तथा पूर्ण नाम है, जिसमे पूर्णता सौंदर्य तथा महिमा के सभी गुण एकत्रित है। कहते है किः अल्लाह शब्द मे तीन अर्थ सूचिबद्ध है। 1- अनंत काल से स्थाई, शाश्वता से मौजूद एंव सरमदी है। 2- बुद्धि एवम कल्पनाऐ उसको पहचानने से चकित और भ्रमित तथा आत्माए और समझने की शक्ति उसकी तलाश मे असमर्थ है। 3- सभी प्रणीयो के व ...

नेमत और अल्लाह की ओर से इम्तेहान

नेमत और अल्लाह की ओर से इम्तेहान
  इमाम जाफ़रे सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैः अल्लाह ने एक क़ौम को नेमतें दी तो उन्होंने उसका शुक्रिया अदा नहीं किया नतीजे में वह नेमतें उनके जी का जंजाल बन गयी और एक क़ौम को अल्लाह ने मुसीबत में डाल दिया  तो उन्होंने सब्र से काम लिया नतीजे में उनकी मुसीबत नेमत में बदल गयी। ...

बंदों की दुआओं की मधुर वाणी

ईश्वर ने अपने दूत हज़रत मूसा को संबोधित करते हुए कहा कि हे मूसा! जो भी मुझको चाहता है वह मुझको भूलता नहीं है और जो भी मेरे उपकार के प्रति आशावान रहता है वह अपनी मांग पर अडिग रहता है। है मूसा मैं अपने बंदों से बिल्कुल भी निश्चेत नहीं हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि मेरे फरिश्ते, मेरे बंदों की दुआओं के मधुर वाणी को सुनें। प्रबल आंतरिक इच्छाओ ...

मुश्किलें इंसान की ज़िन्दगी को सँवारती हैं

मुश्किलें इंसान की ज़िन्दगी को सँवारती हैं
आज, जिस इंसान ने अपने लिए ऐशो आराम के तमाम साज़ो सामान मुहिय्या कर लिए हैं, वह उसी इंसान की नस्ल से है जो शुरु में गुफ़ाओ और जंगलों में ज़िन्दगी बसर करता था और जिसको चारों तरफ़ मुशकिलें ही मुशकिलें थीं। उन्हीं दुशवारियों व मुश्किलों ने उसकी सलाहियतों को निखारा और उसको सोचने समझने पर मजबूर किया जिससे यह तमाम उलूम और टेक्नालाजी को वु ...

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