जन्नतुल बक़ी इतिहास के आईने में

जन्नतुल बक़ी इतिहास के आईने में
जन्नतुल बक़ीअ तारीख़े इस्लाम के जुमला मुहिम आसार में से एक है, जिसे वहाबियों ने 8 शव्वाल 1343 मुताबिक़ मई 1925 को शहीद करके दूसरी कर्बला की दास्तान को लिख कर अपने यज़ीदी किरदार और अक़ीदे का वाज़ेह तौर पर इज़हार किया है। . क़ब्रिस्ताने बक़ीअ (जन्नतुल बक़ीअ) के तारीख़ को पढ़ने से मालूम होता है कि यह मक़बरा सदरे इस्लाम से बहुत ही मोहतरम का मु ...

ग़दीर के ख़ुतबे का सारांश

ग़दीर के ख़ुतबे का सारांश
ख़ुदा के रसूल (स) ने ग़दीरे ख़ुम में सवा लाख हाजियों के मजमे में मौला ए कायनात हज़रत अली (अ) की विलायत व इमामत के ऐलान से पहले एक निहायत अज़ीमुश शान फ़सीह व बलीग़, तूलानी व तारीख़ी ख़ुतबा इरशाद फ़रमाया। आपने इस ख़ुतबे में क़यामत तक आने वाले इंसानों को इमामत व विलायत की तरफ़ रहनुमाई व हिदायत फ़रमाई है और अपने बाद उम्मते मुस्लिमा की हिदा ...

शैतान का रूप

शैतान का रूप
इस्हाक़ बिन अम्मार कहते हैं कि इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने मुझ से फ़रमायाः हे इस्हाक़ मेरे दोस्तों के साथ जितनी नेकी और भलाई कर सकते हो करो क्योंकि जब कोई मोमिन दूसरे मोमिन पर एहसान और नेकी करता है तो यह ऐसा ही है कि वह इबलीस के चेहरे को नोचता है और उसके दिन को घायल करता है। उसूले काफ़ी जिल्द 3 पेज 295 इबलीस नामा से लिया गया पेज 86 इ ...

फ़िदक / …हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

फ़िदक / ...हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा
जब हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का फ़िदक छीना गया और आपने उसे वापस मांगा तो उस समय की सरकार यानी पहले ख़लीफ़ा ने आपसे गवाह मांगे कि साबित करो यह फ़िदक तुम्हारा है, आपने गवाह के तौर पर इमाम अली, उम्मे एमन और पैग़म्बर के दास रेबाह को प्रस्तुत किया, लेकिन इन लोगों की गवाही को स्वीकार नहीं किया गया। अब सबसे पहला प्रश्न यह है कि एक क़ाज़ी या जज गवा ...

शुक्रगुज़ार बंदों की दुआ

शुक्रगुज़ार बंदों की दुआ
بسم الله الرّحمن الرّحیم اِلهى‏ اَذْهَلَنى‏ عَنْ اِقامَةِ شُكْرِكَ تَتابُعُ طَوْلِكَ،  हे ईश्वर तेरे लगातार अनुदान ने मुझे तेरा धन्यवाद करने से बेख़बर कर दिया है وَاَعْجَزَنى‏ عَنْ‏ اِحْصآءِ ثَنآئِكَ فَيْضُ فَضْلِكَ، وَشَغَلَنى‏ عَنْ ذِكْرِ مَحامِدِكَ تَرادُفُ‏ عَوآئِدِكَ، और तेरे फ़ज़ल (अनुग्रह) एवं एहसान की बारिश ने मुझे तेरी प्रशंसा और तारीफ़ को गिनने से रोक दिया है और तेरी लगा ...

अरब सबकान्टीनेंट की भौतिक, सास्कृतिक और समाजिक स्तिथि

अरब सबकान्टीनेंट की भौतिक, सास्कृतिक और समाजिक स्तिथि
कुल या गोत्र (नस्ब) का महत्व अनपढ़ अरबों के बीच महानता की मुख्य कसौटी उनका कुल(नस्ब) हुआ करता था जो उनकी निगाह मे बहुत महत्व रखता था यहाँतक कि बहुत सारी अच्छाईयां “कुल या नस्ब” के कारन हुआ करती थीं। क़बाएली अरबों में नस्ल के आधार पर घमण्ड बहुत अधिक पाया जाता था जिसका एक नमूना वह आपसी कंप्टीशंस हैं जो उत्तरी अरब और दक्खिनी अरब के बीच प ...

शिया सम्प्रदाय कैसे अस्तित्व में आया

शिया सम्प्रदाय कैसे अस्तित्व में आया
हज़रत अली अलैहिस्सलाम के मानने वाले हज़रत अली अलैहिस्सलाम के उस स्थान को दृष्टि मे रखते हुए जो उनको पैगम्बर, सहाबा व मुसलमानो के निकट हासिल था यह आवश्यक मानते थे कि पैगम्बर के बाद खिलाफ़त और मुसलमानों का नेत्रत्व एवं इमामत हज़रत अली अलैहिस्सलाम का हक़ है। पैगम्बर की बीमारी के दिनो को छोड़ कर उस समय की प्रतयक्ष्य अवस्था से भी ऐसा ह ...

यादों के झरोखे से

यादों के झरोखे से
चार जून सन 1989 ईसवी को दुनिया एक ऐसी महान हस्ती से बिछड़ हो गई जिसने अपने चरित्र, व्यवहार, हिम्मत, समझबूझ और अल्लाह पर पूरे यक़ीन के साथ दुनिया के सभी साम्राज्यवादियों ख़ास कर अत्याचारी व अपराधी अमरीकी सरकार का डटकर मुक़ाबला किया और इस्लामी प्रतिरोध का झंडा पूरी दुनिया पर फहराया। इमाम खुमैनी की पाक और इलाही डर से भरी ज़िंदगी इलाही रौ ...

इमाम ख़ुमैनी और आपकी रचनाएं

इमाम ख़ुमैनी और आपकी रचनाएं
इमाम ख़ुमैनी और आपकी रचनाएं समकालीन विश्व में ईरान की इस्लामी क्रान्ति के स्थान और इमाम ख़ुमैनी के प्रभाव के दृष्टिगत, उनकी आध्यात्मिक विशेषताओं, उनके व्यक्तित्व के आयामों तथा उनके धार्मिक व राजनैतिक विचारों को समझने के लिए सबसे अच्छी शैली उनके भाषणों, राजनैतिक व सामाजिक मामलों पर उनके लेखों और उनके व्यक्तित्व व परिवार से संब ...

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