स्वर्ण कथन पैग़म्बरे इस्लाम स

 स्वर्ण कथन पैग़म्बरे इस्लाम स

 

इंसान अपने दोस्त के धर्म पर चलता है। तो तुममें से हर एक को चाहिये कि वह देखे कि किस के साथ दोस्ती कर रहा है।

हमारे बेहतरीन अनुयाई क़नाअत करने वाले हैं और उनमें सबसे बुरे लालची हैं।

 

ईश्वर अपनी नेअमत के प्रभाव को अपने बंदे में देखना चाहता है।

 

जो व्यक्ति कंजूसी करे और स्वतंत्रता व अधिकार के साथ अपने माल से अच्छे लोगों को न दें तो ईश्वर उसके माल को बुरे लोगों के अधिकार में दे देगा।

 

बेशक तुम्हारा पालनहारा कुछ दिनों में अधिक क्षमादान करता है तो होशियार रहो और स्वयं को उसका पात्र बनाने का प्रयास करो।“ 

 

sharethis स्वर्ण कथन पैग़म्बरे इस्लाम स

विचार व्यक्त करें

आपका ई-मेल प्रकाशित नहीं किया जाएगा.
द्वारा मार्क किए गए स्थान अनिवार्य हैं * .

*


× چهار = 32

हमसे संपर्क करें | RSS | साइट का नक्शा

इस वेबसाइट के सभी अधिकार इस्लाम14 के पास सुरक्षित हैं, वेबसाइट का उल्लेख करके सामग्री उपयोग किया जा सकता है। .